महामारी के इस मुश्किल दौर से आज पूरा देश परेशान है। भारत में इस वायरस का सबसे खौफनाक मंजर देखा जा सकता है। कोरोना की दूसरी लहर धीरे-धीरे सबको अपनी चपेट में ले रही हैं। जिससे सारे राज्य एक-एक कर इससे प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में कई राज्य या तो अपने कुछ शहरों में लॉकडाउन लगा रहे हैं या फिर पूरे राज्य में ही कंप्लीट लॉकडाउन की घोषणा कर रहे हैं। कई जगह लोग लॉकडाउन की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन कर रहे हैं, तो कई राज्यों से इनका बुरी तरह से उलंघन करने की खबरें आ रही हैं।

ऐसा ही कुछ गुजरात के अहमदाबाद में भी देखने को मिला है। जहां महिलाओं ने लॉकडाउन को भूलते हुए कोरोना गाइडलाइंस का बुरी तरह से उलंघन किया। मंगलवार को अहमदाबाद के साणंद इलाके में बालियादेव मंदिर में प्रार्थना के लिए सैकड़ो की तादाद में महिला एक साथ मिलीं और सिर पर घड़े लिए एक साथ निकल पड़ी। इन महिलाओं को देखते हुए ऐसा लगा मानो इस समय देश में स्थिती बिल्कुल सामान्य है और कोरोना नाम का वाइरस केवल एक अफवाह है। ऐसा कहा गया कि यह महिलाएं कोरोना को भगाने के लिए मंदिर में जल चढ़ाने गई थीं। वहीं महिलाओं के साथ और लोग भी दिखाई दे रहे हैं। यहां की विडियो वाइरल होते ही पुलिस ने 23 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें गांव के सरपंच भी शामिल हैं। अहमदाबाद ग्रामीण एरिया के डीएसपी केटी खेमरिया ने आगे बताया कि सभी का नाम महामारी आपदा एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। 

बता दें, कोरोना के मामले गुजरात में भी लगातार बढ़ रहे हैं, मंगलवार की बात करें तो राज्य में 13,050 केस दर्ज किए गए हैं। वहीं 131 लोगों ने अपनी जान गवाई है। राज्य में कोरोना की ऐसी हालत देखते हुए भी लोग ऐसी हरकतें कर रहे हैं। पहले सवाल तो उन लोगों से ही किया जाना चाहिए कि क्या उन्हें कोरोना का बिल्कुल खौफ नहीं है? क्या लोगों को अपनी और अपने परिवार की कोई चिन्ता नहीं है ? या पूजा करने से कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा? वहीं इन लोगों की लापरवाही का आरोप पुलिस पर भी लगाया जाना चाहिए। आखिर जिस समय यह सब हो रहा था, उस वक़्त पुलिस की तैनाती कहाँ थी और उनकी गैरहाजिरी में गांव में यह सब कैसे हो पाया??