जूते और स्पोर्ट्स का सामान बनाने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी नाइकी ने ब्रुकलिन के आर्ट कलेक्टिव MSCHF द्वार बनाए गए शैतानी जूतों के ख़िलाफ़ किया मुक़दमा जीत लिया है। जिसके साथ फ़ेडरल जज ने गुरुवार को इन शैतानी जूतों पर रोक लगाने का अस्थायी आदेश जारी कर दिया है।

नाइकी ने मुकदमे के दौरान कहा, "MSCHF और उसके अनाधिकृत शैतानी जूते MSCHF के उत्पादों और नाईकी को लेकर भ्रम और ग़लतफ़हमी की स्थिति पैदा कर सकते हैं।" नाइकी ने यह भी कहा, "बाज़ार में भ्रम और बदनाम करने के बहुत से साक्ष्य मौजूद हैं। MSCHF के शैतानी जूतों के कारण नाईकी के बहिष्कार की मांग की जा रही है। यह ग़लतफ़हमी हो गई है कि नाईकी ने इस उत्पाद को मंजूरी दी है।"

वहीं विपक्षी पार्टी MSCHF के वकील ने कहा कि '666 जोड़ी जूते कोई आम जूते नहीं है बल्कि यह व्यक्तिगत रूप से बनाई गई एक आर्ट है जिसे इसे सहेजने वालों को 1,018 डॉलर में बेची गई थी।' 

हालांकि फ़ेडरल जज द्वारा दिए गए आदेश का क्या असर होगा यह फ़िलहाल के लिए साफ़ नहीं है क्योंकि MSCHF ने यह संकेत पहले ही दे दिया है कि इस तरह के और जूते बनाने की उसकी कोई योजना नहीं है।

बता दें कि यह शैतानी जूते ललित कला के लिए काम करने वाली आर्ट कलेक्टिव MSCHF ने रैपर लिल नैस एक्स के साथ मिलकर डिज़ाइन की थी। इन जूतों के तलवे वाले हिस्से में इंसान के ख़ून की बूंदों का इस्तेमाल किया गया था। वहीं सोमवार को मार्केट में उतरते ही यह जूते 1 मिनट से भी कम समय के अंदर बिक गए।