हिंदुस्तान का पाक को शांत रहने का इशारा, आतंकवाद पर कड़ी नजर

 पाकिस्तान का नाम जब भी लिया जाता है उसमें सबसे पहले उनके द्वारा किया गया आतंक याद किया जाता है।  चाहे वह 26 जनवरी हो या 14 फरवरी,  सीमा पर जवानों पर अटैक करना हो या अपने आतंकवादी द्वारा आतंकवाद फैलाना हो।  हिंदुस्तान के विदेश मंत्री जयशंकर साफ शब्दों में कहते हैं,  कि आतंकवाद की मुख्य जड़ पाकिस्तान है।  पाकिस्तान में आतंकवादियों का ऐसा डेरा है जिसको मिटाना वाकई कठिन सा नजर आ रहा है।  पाकिस्तान की  बढ़ती गुस्ताखीयों  को रोकने के लिए हिंदुस्तान के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ तौर पर यह कहा है, " कि उनको अपनी हद में रहना होगा उनके द्वारा किसी भी तरह का आतंक हिंदुस्तान बर्दाश्त नहीं करेगा।  

 हालांकि जयशंकर ने साफ शब्दों में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया है,  उन्होंने पड़ोसी नाम देकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है।  उनका साफ तौर पर कहना है, " कि जो भी पड़ोसी देश हिंदुस्तान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा वह अपने  अंजाम का खुद ही जिम्मेदार होगा। 

26 जनवरी के मुंबई हमले को कौन नहीं जानता,  उस हमले में शहीद हुए जवानों की आज भी चीखे सभी को  दिलों में सुनाई देती है।  उनका आज परिवार आंसुओं से रोता है,  पर फिर भी उनके दिल में एक अलग खुशी है और वह खुशी है कि उनका बच्चा शहीद हुआ है।  मुंबई हमले की 12 वीं वर्षगांठ पर जयशंकर ने साफ शब्दों में यह साफ बात कही, " कि पड़ोसी देश की बढ़ती गुस्ताखियां किसी भी तरह से माफ नहीं की जाएंगी। उन को सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, " कि हमारे देश में एक एक जवान परखा हुआ है।  हर एक के सीने में आज भी भारत माता के लिए जज्बा है। हर एक जवान बहादुर है, और अपने सामने वाले आतंकी को मारने के लिए सक्षम है।

हिंदुस्तान किसी भी परिस्थिति में किसी भी देश के आगे नहीं झुकेगा।  बता दें कि मुंबई हमले में 166 जवान शहीद हुए थे।  विदेश मंत्री उनको श्रद्धांजलि देते हुए उनके सम्मान में उन सभी की तारीफ करते हुए कहते हैं, " कि हमारे देश का एक एक जवान बहादुरी का पात्र है। 

जिस जवानों के कंधे पर आज हम सुरक्षित हैं। जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर अपने देश को सुरक्षित किया है।  दिन रात सीमा पर खड़े रहते हैं।  ऐसे शहीद जवानों को हम शत शत नमन करते हैं।  और उनके परिवार को हम बधाई देते हैं, कि ऐसा हीरा उनके परिवार से जन्मा जिसने आज देश का नाम रोशन कर दिया

साथ ही उन्होंने पड़ोसी देश की बढ़ती गुस्ताखी को माफ न करने का भी संकेत दिया हालांकि उन्होंने साफ शब्दों में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया लेकिन पड़ोसी नाम देकर उस देश को ललकार दिया।