देश में कोरोना के खिलाफ जंग में हम रोजाना कई लोगों को खो रहे हैं। इस बीच आज हमने एक ऐसे शख़्स को खो दिया है जिन्होंने देश के ऐसे हालात में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कई लोगों को प्रोत्साहित किया और कई लोगों की जान भी बचाई। 62 साल के डॉक्टर . के के अग्रवाल का कोरोना निधन हो गया है। डॉ ने कोरोना के शुरुआती दिनों से ही इस लड़ाई में जबकर भागीदारी दी है, फिर वो चाहे गरीबों की मदद हो या किसी का इलाज हो। 17 मई की रात 11:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉ .के के ने 28 अप्रैल को अपने ट्विटर अकाउंट के ज़रिए लोगों तक अपने कोरोना संक्रमित और रिपोर्ट पॉजिटिव आने की जानकारी दी थी। उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती किया गया था और वह काफ़ी दिनों से वेंटिलेटर पर थे।

निधन की खबर उनके ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट संभालने वाले ने ट्वीट कर दी और लिखा “आपको बड़े दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि हमारे प्रीय Dr. KK Aggarwal का कोरोना से निधनं हो गया है। एक लंबे समय कोरोना से लड़ाई के बाद उन्होंने 17 मई रात 11:30 बजे दम तोड़ दिया। जबसे वह डॉक्टर बने थे उन्होंने अपना पूरा जीवन सार्वजनिक कल्याण और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर काम किया। महामारी के दौरान भी उन्हें लोगों को शिक्षित बनाने का पूरा प्रयास किया और अपनी कई विडियो से 10 करोड़ लोगों तक पहुंचाने में सक्षम रहे थें। कई सारी शिक्षात्मक विडियोज़ और लाइव आकर लोगों को कोरोना से बचाव के उपाय बताते थे। वो चाहते थे जीवन में जश्न मनाया जाए शोक नहीं।”

यहां पढ़ें ट्वीट.


आपको बता दें, डॉ के के भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और वह जाने-माने कार्डियोलोजिस्ट और हर्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रमुख भी रह चुके हैं। साल 2010 में उन्हें मेडिकल के क्षेत्र में भारत सरकार के द्वारा पद्माश्री ( Padma Shri, fourth-highest civilian award ) से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही और भी कई सारे अवार्ड डॉ के के ने अपने नाम किए जैसे विश्व हिंदी सम्मान, नैशनल साइंस कम्यूनिकेशन अवार्ड। उन्होंने अपनी पढ़ाई दिल्ली से की और 1979 में नागपुर विश्वविद्यालय से एमबीबीएस पूरा किया। बाद में उसी विश्वविद्यालय से एमएम की डिग्री ली। डॉक्टर साहब ने कई सारी मेडिकल से जुड़ी किताबें भी लिखी हैं। वह ना केवल अपने काम के लिए जाने जाते हैं बल्कि अपनी नेक और साफ दिल के लिए भी उतने ही प्रसिद्ध थे। उन्होंने कोरोना के इस समय में गरीबों का मुफ्त इलाज किया और कई लोगों की जान भी बचाई।