एमडीएच मसाले, असली मसाले सच सच वाले दादाजी आज नहीं रहे। वह 98 वर्ष के थे, दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। इनका पूरा नाम महाशय धर्मपाल गुलाटी था। गुलाटी का परिवार पाकिस्तान के सियालकोट में रहता था। देश विभाजन के बाद इनका परिवार सियालकोट से भारत आया और कई दिनों तक रिफ्यूजी कैम्प में रहा। इसके बाद पिता चुन्नी लाल ने मसाले की एक छोटी सी दुकान चलानी शुरू की। इसी दुकान को बाद में धर्मपाल जी ने एमडीएच नाम से बुलंदी तक पहुंचाया।

5 वीं तक ही पढ़े थे मसाला किंग

मसालों के शहंशाह धर्मपाल गुलाटी मात्र 5 वीं कक्षा तक ही स्कूल जा पाए। इसके बाद उन्होंने अपने पिता की दुकान संभालनी शुरू की। आज एमडीएच जिस बुलंदी पर है उसका श्रेय धर्मपाल गुलाटी की मेहनत और अथक प्रयासों को जाता है। 2017 में वह भारत में सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले उद्यमी थे। उन्होंने 17 करोड़ रुपए का वेतन पाया, इसका 90 फ़ीसदी वह दान कर देते थे।