किसान संगठनों ने केंद्र को मंगलवार को खत  लिखकर दिया, कि हम 30 दिसंबर को दोपहर दो बजे बातचीत का न्योता स्वीकार करते हैं | बुधवार दोपहर किसानों ने केंद्र के साथ बातचीत का न्योता स्वीकार तो कर लिया है लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि बातचीत का एजेंडा वही होना चाहिए जो किसानों ने तय किया है|


आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा कहा कि सिंघु बॉर्डर पर किसानों को मुफ़्त  वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी| विपक्ष किसानों को गुमराह कर रहा है इस पर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यदि विपक्ष इतना ही मजबूत होता, तो किसानों को आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ती|



भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, "जो प्रस्ताव हमने रखे हैं, हम उन्हीं पर बातचीत करेंगे| कानून वापस नहीं लिए गए तो हम यहीं पर बैठे रहेंगे|" किसान 30 दिसंबर को ट्रैक्टर मार्च निकलने का भी  ऐलान कर चुके हैं| लेकिन, सूत्रों का अनुसार पता चला है कि यदि सरकार से बातचीत सफल नहीं रही तो 31 दिसंबर को ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा|