कल्याण सेन के छोटे भाई शेखर सेन ने बताया कि बड़े भाई तीन दिन पहले ही ट्रेन से मुंबई से अपना रिकॉर्डिंग करके लौटे थे। शेखर का कहना है कि मुंबई से आते ही उन्हें बेचैनी महसूस हुई। एम्स, बालाजी अस्पताल सहित कई निजी अस्पतालों में कई बार संपर्क किया गया, लेकिन कहीं भी कोई बिस्तर खाली नहीं मिला। मंगलवार रात को उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई।

बुधवार को सुबह पांच बजे वह बाथरूम गए और अचानक से वहीं बेहोश होकर नीचे गिर गए। इसके बाद उन्हें लेकर परिजन तुरंत डॉ भीमराव अंबेडकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनकी मौत की पुष्टि की।

दादा प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार अरुण कुमार सेन और ठुमरी गायिका अनीता सेन के पुत्र थे। दादा का जन्म 18 मई, 1957 को रायपुर में हुआ था। दादा एक संगीतकार होने के साथ-साथ तबला वादक भी थे। उन्हों ने रायपुर के हीरालाल त्रिपाठी से तबला बजाना सीखा। इन दोनों विधाओं कि वजह से उन्हें पूरे देश में पहचान मिली।

दादा की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने बॉलीवुड के कई मशहूर अभिनेताओं के साथ काम किया। उनका मशहुर कलाकारों के साथ गहरा संबंध था। कहा जाता है कि दादा ने 50 से अधिक एल्बमों की रचना की है। भाई शेखर बोले कि दादा ने लता मंगेशकर को छत्तीसगढ़ी में गाना गवाने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी।