पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के लिए मुस्लिमों से एकजुट होकर तृणमूल कांग्रेस पार्टी के लिए वोट डालने की अपील करना भारी पड़ गया है। ममता बनर्जी के एक बयान पर कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने उनके चुनाव प्रचार पर 24 घंटे की रोक लगा दी है। यह  बैन सोमवार रात 8 बजे से लेकर मंगलवार रात 8 बजे तक लागू रहेगा।

ममता बनर्जी ने कहा था, 'विश्वविद्यालयों तक के लिए कन्याश्री छात्रवृत्ति है। अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए शिक्षाश्री है। सामान्य वर्ग के लिए स्वामी विवेकानंद छात्रवृत्ति है। अल्पसंख्यक समुदाय के मेरे भाइयों और बहनों के लिए एक्यश्री है और मैंने इसे 2 करोड़ 35 लाख लाभार्थियों को दिया है। मैं हाथ जोड़कर अपने अल्पसंख्यक भाई-बहनों से अपने वोट शैतान को नहीं देने और अपने वोट को बंटने नहीं देने की अपील करती हूँ। जिसने भाजपा से पैसे लिए हैं। मैं अपने हिंदू भाई-बहनों से भी कहूंगी कि भाजपा को सुनने के बाद खुद को हिंदू और मुस्लिम में ना बांटे।'

दीदी के इसी बयान पर EC ने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है। बीजेपी ने ममता के दिए गए इस बयान के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनर्जी पर हमला बोलते हुए यह भी कहा, ' दीदी आपने कहा कि सभी मुसलमान एक हो जाओ, वोट बटने मत दो। लेकिन अगर हम ने यह कहा होता कि सारे हिंदू एकजुट हो जाओ, बीजेपी को वोट दो तो हमें चुनाव आयोग से 8 से 10 नोटिस मिल गए होते।'

बता दें कि ममता दीदी को इससे पहले भी बीते बुधवार को चुनाव आयोग द्वारा एक नोटिस भेजकर हुगली में चुनाव प्रचार के दौरान खुलेआम सांप्रदायिक आधार पर वोट मांगने को लेकर 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया था। लेकिन दीदी ने इस नोटिस का कोई उत्तर नहीं दिया और मज़ाक उड़ाते हुए एक सभा के दौरान कहा था, 'चुनाव आयोग चाहे 10 नोटिस भेज दे, मैं अपना रुख नहीं बदलूंगी।'