कोरोना वायरस तबाही के उस मंजर तक पहुंच गया है, जहां वह इंसानों के अंदरूनी अंगों पर ही नहीं बल्कि दिमाग पर भी असर करने लगा है। यह कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों के मानसिक संतुलन पर प्रहार कर रहा है। दिल्ली के मैक्स अस्पताल से ऐसी ही एक ख़बर आई है, जहाँ एक 35 वर्षीय डॉक्टर विवेक राय ने शनिवार के दिन कथित तौर पर आत्महत्या कर लिया है।

विवेक राय दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में किराए के एक मकान में रहते थे और मैक्स अस्पताल में DNB फर्स्ट ईयर के रेजीडेंट डॉक्टर थे। पिछले एक महीने से वह कोविड मरीज़ो के इलाज के लिए ICU में तैनात थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉक्टर राय रोज़ाना 7 से 8 मरीजों का CPR और ACLS कर रहे थे। जिसमें से ज्यादातर कोरोना मरीजों की मौत हो जा रही थी। लगातार मर रहे लोगों की हालत देखकर डॉक्टर बेहद ही परेशान चल रहे थे। बताया जा रहा है कि इन्हीं सभी परेशानियों के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली है। हालांकि पुलिस के मुताबिक डॉक्टर साहब ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें निजी कारणों का हवाला दिया गया है। लेकिन पुख्ते तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता। पुलिस मामले की जाँच करने में जुटी हुई है।

बता दें, डॉक्टर रॉय उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी थे। अभी हाल ही में उनकी शादी हुई थी और उनकी पत्नी दो माह गर्भवती है। 30 अप्रैल को दिल्ली पुलिस को सूचना मिली कि मैक्स अस्पताल के एक डॉक्टर ने अपने घर में पंखे से लटक कर आत्महत्या कर लिया है। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची जहाँ उन्हें एक सुसाइड नोट मिला। उस नोट में किसी पर आरोप नहीं लगाया गया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टर के शव को उनके परिवार वालों को सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट में डॉक्टर राय ने लिखा, 'परिवार और दोस्त मेरे जानने वाले सब खुशहाल रहें।' इसके अलावा इस नोट में आत्महत्या का कोई कारण नहीं लिखा गया था।