महाराष्ट्र में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए हाल ही में रविवार के दिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में लॉकडाउन लगाने की बात कही थी। मुख्यमंत्री के इस फैसले को लेकर सरकार का सहयोगी दल एनसीपी सहमत नहीं है। उनका कहना है कि दोबारा लॉकडाउन को झेलना आसान बात नहीं है।


दरअसल महाराष्ट्र में लगातार कोरोना के मामलों में उछाल को लेकर इस पर काबू पाने के लिए कोई न कोई सख़्त कदम उठाना जरूरी हो गया था। महाराष्ट्र की जनता कोविड के दौरान बरते जाने वाली सावधानियों को लेकर भी काफी लापरवाही कर रही है। इन्हीं कारणों से मुख्यमंत्री ठाकरे ने राज्य में दोबारा लॉकडाउन लगाने का प्रस्ताव रखा। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा की मुख्यमंत्री ने सभी विकल्पों पर विचार करने के लिए कहा है। जिसमें जरूरत पड़ने पर लॉकडाउन पर विचार किया जा सकता है, इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि राज्य में लॉकडाउन ही एकमात्र रास्ता रह गया है। महाराष्ट्र की जनता अगर नियमों का सही ढंग से पालन करें तो लॉकडाउन जैसी स्थिति से बचा जा सकता है। 


आंकड़ों के अनुसार देश भर में कोरोना से अब तक 161,843 लोगों की जानें जा चुकी है, जिसमे पिछले 24 घंटों की बात करे तो 291 लोगों की मौत के आंकड़े सामने आए हैं। केवल महाराष्ट्र में सोमवार के दिन 31,643 कोरोना संक्रमित सामने आए जो कि सबसे अधिक है। कोरोना के आंकड़ों में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार नए कदम उठा रही है, हालांकि सरकार ने अभी महाराष्ट्र में नाइट कर्फ्यू लगा रखा है।