कोरोना ने हर जगह लोगों का जीवन संकट में डाल रखा है। अभी तक लोग घरों के अंदर सुरक्षित थे और घर से होने वाले कामों को आराम से कर पा रहे थे। लेकिन अब इस वाइरस के चपेट में कई परिवार आ गए हैं, जिसके कारण संक्रमित परिवार के सभी सदस्यों को खुद ही अपनों को संभलना पड़ रहा है। ना ही लोग अस्पताल जा पा रहे है और ना ही किसी की मदद ले सकते हैं। ऐसी समस्या में दिल्ली युनिवर्सिटी के छात्र संगठनों और अध्यापकों ने ऑनलाइन हो रही कक्षाओं को स्थगित करने की मांग की थी क्योंकि छात्रों के घरों पर कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्र या तो वाइरस से संक्रमित हो गए हैं या फिर उनके घर के सदस्य में किसी को संक्रमण हो गया है, जिसके कारण सारे छात्र कक्षा में उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं। 

छात्रों की मांग के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (DUTA) ने विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर पीसी जोशी को पत्र लिखा। जिसमें डूटा ने कहा, छात्र और उनके परिवार वाले इस महामारी से परेशान हैं। कई सारे छत्रो के परिवार के लोगों को कोरोना‌ हो गया है या छात्र खुद ही संक्रमित हो गए हैं। जिसके कारण कक्षा में छात्रों की संख्या घट गई है.... डूटा ने आग्रह किया कि कक्षाओं को कुछ समय के लिए स्थगित किया जाए। साथ ही कहा, अभी छात्र और अध्यापक पढ़ाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं। 

इन सबको देखते हुए दिल्ली युनिवर्सिटी ने 16 मई तक कक्षाओं को स्थगित करने का विचार बना लिया है। यह समय सभी के लिए बहुत कठिन है और सभी यूनिवर्सिटीस को भी इस विषय पर सोचना चाहिए और इस समय छात्र एवं अध्यापकों  पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डालना चाहिए।