NDTV के पत्रकार रविश कुमार ने अपने प्राइम टाइम शो के दौरान वीडियो दिखाया था। उसी वीडियो को अदालत ने आधार मानते हुए  दिल्ली दंगे के 3 आरोपीयों को जमानत दी है।

दिल्ली के उच्च न्यायालय ने भरोसा दिखाया और कहा कि "कोई प्रत्यक्ष या परिस्थितिजन्य या फोरेंसिक के कोई भी सबूत नहीं हैं", तीनों आरोपियों के खिलाफ (जुनैद, चंद मोहम्मद और इरशाद)। इन पर शाहिद नाम के व्यक्ति को दिल्ली दंगों के दरम्यान हत्या का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी मुस्लिम समूह के हिस्सा थे, उत्तर पूर्वी दिल्ली के चांद बाग इलाके में सप्तऋषि बिल्डिंग की छत पर मौजूद थे, फायरिंग और पथराव कर अन्य इमारतों की छतों पर खड़े हिंदू समूह पर हमला कर रहे थे। पुलिस ने आगे यह आरोप लगाया गया है कि इस प्रक्रिया में सप्तऋषि बिल्डिंग पर मौजूद शाहिद बंदूक की गोली लगने के परिणाम स्वरूप मारा गया।