दिल्ली में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए अरविंद केजरीवाल सरकार ने 6 दिनों का लॉकडाउन लग चुकी है।  इस लॉकडाउन से श्रमिकों व मज़दूर वर्ग के लोगों ने गांव जाने के लिए बस अड्डों पर भीड़ लगा रखी है। इसी बीच दिल्ली  सरकार ने दि‍ल्ली हाईकोर्ट से कहा है कि वह लॉकडाउन के दौरान प्रवासी, दैनिक और निर्माण कार्य में शामिल मजदूरों के लिए सरकार कदम उठा रही है।

दिल्ली सरकार पलायन रोकने के लिए श्रमिकों को 5-5 हजार रुपए देगी। यह प्लान दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को दी है।
बता दें, यह फैसला दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट की फटकार से लिया है। हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से श्रमिकों को लेकर रिपोर्ट मांगी थी जिसमें केजरीवाल ने अब यह निर्देश जारी कर दिए है।

अरविंद केजरीवाल का कहना है कि उनके रहने, खाने, दवा के लिए कमेटी का भी गठन किया गया है, जो इन सभी चीज़ों की व्यवस्था के साथ इन पर निगरानी भी रखेगी।

दिल्ली में रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर यूपी, बिहार, झारखंड और दूसरे प्रदेशों के प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हज़ारो की संख्या में लोग मौजूद हैं और घर जाने के लिए उतारु है।

उन्हें डर है कि दिल्ली सरकार ने जो एक हफ्ते का लॉकडाउन लगाया है, वह और बढ़ सकता है। उनकी रोज़ी रोटी पर इसका प्रभाव पड़ेगा। केंद्र सरकार व राज्य सरकार लगातार श्रमिकों से राज्य को नहीं छोड़कर जाने की अपील कर रहे हैं।