दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना मामलो के बीच कालाबाज़ारी, धोखाधड़ी रुकने का नाम नही ले रही है। इसी में प्राइवेट एम्बुलेंस जिस तरह से मनमानी कीमत वसूल कर रही थीं उसपर अब दिल्ली सरकार ने सख़्ती दिखाई है। सरकार ने प्राइवेट एम्बुलेंस की शुल्क की सीमा तय कर दी है। इन एम्बुलेंस की शुल्क सीमा 1500-4000 रूपए तक तय की गई है।


बता दें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निजी एम्बुलेंस के खिलाफ ट्वीट करते हुए कहा कि ऐसी महामारी में जो अवैध और मनमाना रेट वसूल कर रहे है उनपर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। केजरीवाल ने कहा कि हमारी जानकारी में ऐसे कई मामले आए हैं जिनमें निजी सेवाएं देने वाली एम्बुलेंस मनमाना दाम वसूल कर रही हैं, इसलिए इस मुनाफाखोरों से बचने के लिए हमने अधिकतम कीमते तय कर दी है।


यह भी कहा गया है कि जो भी इन आदेशों  का उल्लंघन करता पाया जाता है उनके ऊपर  कड़ी कार्रवाई की जाएगी।' बता दें कि हाइकोर्ट ने भी काफी बार दिल्ली को इसके खिलाफ कार्येवाही करने के आदेश दिए हैं। कोरोना से उपजी आपातकालीन परिस्थितियों के बीच मुनाफाखोरी और जमाखोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं|