भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी (98/2020) के संबंध में ताजा गिरफ्तारी की गई है। लाल किले में हिंसा से संबंधित, जिसके दौरान विरासत संरचना के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा था।

गणतंत्र दिवस के दिन लालकिले में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार दीप सिद्धु को दिल्ली तीस हज़ारी कोर्ट ने ज़मानत दे दी थी। 

दीप सिद्धू के वकील का कहना था कि, भीड़ को जमा करना मेरे मुवक्किल को दोषी नही बना देता है। दीप सिद्धु एक ईमानदार नागरिक हैं, जो प्रदर्शन में शामिल थे। वहीं दिल्ली पुलिस के लोक अभियोजक का कहना है कि, दीप सिद्धू तिरंगे का अपमान करने हिंसा भड़काने के उद्देश्यों से प्रदर्शन में शामिल हुए थे। 

26 जनवरी के दिन किसानों और आम लोगों को एकत्रित करने में सिद्धू की मुख्य भूमिका रही थी। दीप सिद्धू को 30 हज़ार के निजी मुचकले पर उन्हें ये ज़मानत मिली थी। लेकिन अब उन्हें दोबारा सलाखों के पीछे डाल दिया गया है।