कोरोना की हर दिन कुछ चौंका देने वाली खबर सुनने में आ रही है, वहीं आज थोड़ी राहत की खबर सुनने में आई है। ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मैडिकल रिसर्च) की स्टडी के अनुसार भारत की स्वदेशी 'कोवैक्सीन' SARS CoV-2 डबल म्यूटेंट स्ट्रेंन और मल्टीपल वेरियंट के खिलाफ असरदार है। कोवैक्सीन जिसे पिछले कुछ महीनों से लगाया जा रहा है वह स्वदेसी वैक्सीन है और उसे IMCR और भारत बायोटेक ने बनाया है। ICMR ने इस स्टडी की सूचना ट्वीट करके दी। 

कोरोना की बढ़ती तेज़ी को देखते हुए सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों को जल्द वैक्सीन लगाने का प्रयास कर रही है। जहाँ पिछले सप्ताह 45 साल से ऊपर की उम्र वालों को वैक्सीन लगाने का आदेश आया था, अब एक मई से 18 साल से ऊपर की उम्र वालों को भी वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। ऐसा कहा जा रहा है कि भारत बायोटेक देश में टीकाकरण अभियान में साथ देने के लिए अगले महीने तक तीन करोड़ कोवैक्सीन के खुराक का उत्पादन करेगी।

मार्च में कंपनी ने 1.5 करोड़ टीकों का उत्पादन किया था और अगले महीने 3 करोड़ खुराक का उत्पादन करेगी। सरकार ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को आने वाले समय के लिए आपूर्ति बढ़ाने को 4,500 करोड़ रुपये का अग्रीम भुगतान करने को भी अनुमति दे चुकी है।