शुभेंदु सुमन पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज में फाइनल ईयर के छात्र थे। 23 साल के शुभेंदु सुमन की मौत को रोना से संक्रमित होने की वजह से हो गई। जबकि उन्हेंने 22 दिन पहले को वैक्सीन का पहला डोज लिया था। अब इस मेडिकल कॉलेज के सभी छात्र छात्राओं का RT-PCR टेस्ट कराया जा रहा है।

शुभेंदु को फरवरी के पहले सप्ताह मैं वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी लेकिन 25 फरवरी को उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद वह अपने घर लौट जाते हैं और उन्हें 27 फरवरी को बेगूसराय के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन बीते सोमवार की शाम उनका निधन हो गया।

नालंदा मेडिकल कॉलेज में अब तक 15 छात्रों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आ चुका है। इनमें से बहुत सारे छात्रों को कुछ हफ्ते पहले ही वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी।

देश में कोरोना के खिलाफ 16 जनवरी से ही वैक्सीनेशन की शुरुआत की जा चुकी है। वैक्सीनेशन के पहले चरण में लाखों हेल्थ केयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया गया था। पहले चरण में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले मेडिकल स्टाफ को प्राथमिकता दी गई थी। एकमात्र वैक्सीनेशन का दूसरा चरण भी प्रारंभ हो चुका है इस चरण में 60 से ज्यादा उम्र के लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों का टीकाकरण किया जाएगा।


अब तक लाखों हेल्थ केयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स समेत कई नेता, सेलेब्रिटी और बिजनेसमैन टिक लगवा चुके हैं। आम जनता के लिए भी वैक्सीनेशन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।