देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर हाथ से रेत की तरह फिसलती जा रही है। हालात बेकाबू हो गए हैं। इसी समस्या पर काबू पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से लॉकडाउन पर विचार करने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से यह मस्वरा उस समय आया है जब देश में कोरोना वायरस ने तबाही के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और आंकड़े 2 करोड़ के करीब पहुँच चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकार लोगों के कल्याण के हित में कोरोना वायरस की दूसरी लहर पर अंकुश लगाने के लिए लॉकडाउन का हथियार इस्तेमाल करने का विचार कर सकती हैं। इसके साथ ही शीर्ष न्यायालय ने सरकार से लॉकडाउन लगाने पर सामाजिक और आर्थिक प्रभाव कम पड़े इसे भी सुनिश्चिता करने को कहा है। न्यायालय के मुताबिक, लॉकडाउन जिन लोगों को बुरी स्थिति में डाल सकता है उनके लिए खास इंतजाम किए जाएं।

इन सबके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खुद ही मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि जिन मरीजों के पास किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का स्थानीय पता, प्रमाण पत्र या आईडी प्रूफ नहीं भी मिलता है, उन मरीजों को भी अस्पताल भर्ती करे एवं जरूरी दवाएं देने से इनकार बिल्कुल ना करें।