दिल्ली में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। लगातार बढ़ते मामलों ने नागरिकों को डरा तो रखा ही है साथ ही सरकार की भी नींद उड़ा रखी है। इसी मामले को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक रिव्यू मीटिंग बुलाई है। जिसमें कॉविड-19 मैनेजमेंट के लिए नोडल मंत्री मनीष सिसोदिया, हेल्थ मिनिस्टर सतेंद्र जैन और अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल होने वाले हैं।

हालांकि दिल्ली में नाइट कर्फ्यू पहले से ही लगा हुआ है और सरकार के नए ऐलान के बाद वीकेंड कर्फ्यू भी लागू हो चुका है। लेकिन ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अगर वीकेंड कर्फ्यू से भी कोरोना के बढ़ रहे मामलों में कटौती नहीं होती है तो दिल्ली में जल्द ही संपूर्ण लॉकडाउन लगाया जा सकता है। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी दो बातें प्रमुख तौर पर कहीं हैं। पहली, लॉकडाउन समाधान नहीं है और दूसरी कि अगर मामले रुकते नहीं है तो लॉकडॉउन पर विचार किया जा सकता है। दिल्ली में अचानक जिस तरह से कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ने लगे हैं उसे देखते हुए लगता तो यही है कि दिल्ली सरकार अपने दूसरे ऑप्शन पर सोचने में अधिक समय नहीं लगाएगी।

आज दिल्ली में वीकेंड लॉकडाउन का पहला दिन है। जिस पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि 'कोरोना के चलते आज और कल दिल्ली में कर्फ्यू है। कृपया इसका पालन करें। हम सबको मिलकर कोरोना को हराना है।' 

बता दें कि शुक्रवार रात 10 बजे बजे से लागू हुआ यह वीकेंड कर्फ्यू सोमवार सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान एकदम सभी चीजों पर प्रबंधन नहीं लगाया गया है। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के आगमन के लिए छूट दी गई है। लेकिन इस दौरान मॉल, जिम, स्पा, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल, एंटरटेनमेंट पार्क और अन्य ऐसी जगहें हैं जो कोरोना कि स्थिति में जरूरी नहीं हैं, वह पूरी तरह से बंद रहेंगी। थियेटरो को 30 फ़ीसदी क्षमता के साथ चलाने की अनुमति दी गई है। लेकिन आप रेस्टोरेंट में बैठकर खाना नहीं खा सकते हैं। हाँ, होम डिलीवरी पर किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है। गौर करने वाली बात यह है कि इस दौरान बस, ऑटो, टैक्सी, मेट्रो जैसे सार्वजनिक वाहनों पर रोक नहीं लगाई गई है। लेकिन सभी को इस में जाने की अनुमति नहीं है। केवल वह लोग जिन्हें नाइट कर्फ्यू के दौरान छुट्ट मिली है, वही इसका उपयोग कर सकते हैं।