केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन रोगियों के लिए एक संशोधित दिशानिर्देश जारी किया है जिन्हें कोरोना के हल्के लक्षण हैं और घर में ही आइसोलेशन में हैं। इससे पहले भी पिछले साल, ऐसे मरीजों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे जो अब फिर से संशोधित हो गए हैं। दिशानिर्देश में कहा गया है कि बिना किसी लक्षण के गीग का ऑक्सीजन लेवल 94 प्रतिशत से अधिक होता है और हल्के लक्षणों वाले रोगियों को सांस लेने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने दिशानिर्देशों में होम आइसोलेशन में रहने वाले रोगियों को रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं लेने की सलाह दी है।

दिशानिर्देश के अनुसार यह केवल अस्पताल में किया जाना चाहिए और यदि लक्षण 7 दिनों के बाद भी बने रहते हैं, तो चिकित्सक के परामर्श से मौखिक खुराक स्टेरॉयड लेना चाहिए।

दिशानिर्देशों में, 60 वर्ष से अधिक उम्र के रोगियों या उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, फेफड़े  यकृत या किडनी में होनेवाले जैसे रोगों से पीड़ित रोगियों को केवल एक चिकित्सक के परामर्श से आइसोलेट होना चाहिए। ऑक्सीजन स्तर में कमी या सांस लेने में कठिनाई होने पर डॉक्टर से परामर्श किया जाना चाहिए।

संशोधित दिशानिर्देश के अनुसार, रोगी गर्म पानी से कुल्ला कर सकते हैं या दिन में दो बार भाप ले सकते हैं। यदि बुखार दिन में चार बार पैरासिटामोल 650mg लेने से भी नियंत्रण में नहीं आता है तो ऐसे में डॉक्टर से परामर्श करें और अन्य दवाओं जैसे कि नेप्रोक्सन 250mg को भी दिन में दो बार ले सकते है।