पश्चिम बंगाल में चुनावी दंगल लगातार जारी है। चार चरणों के चुनाव हो चुके हैं और पांचवें चरण के लिए 17 अप्रैल को मतदान किया जाना है। इसी बीच मंगलवार को दार्जिलिंग में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा बयान दिया हैं। उन्होंने कहा कि अभी केंद्र सरकार का नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) लागू करने का कोई इरादा नहीं है।  इतना ही नहीं अमित शाह ने यह भी कहा कि अगर यह लागू हो भी जाता है तो भी इसका गोरखा समुदाय पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

चुनावी सभा के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि गोरखा समुदाय का इतिहास काफी लंबा रहा है, जब भी देशभक्तों की बात होती है गोरखाओं का नाम ज़रूर लिया जाता हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टी ने देश में गोरखा समुदाय के साथ अन्याय किया है।

शाह ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि अभी तक NRC को लागू करने का ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है और अगर इसे लागू भी किया जाता है तब भी गोरखाओं को कोई नुकसान नहीं होगा। तृणमूल कांग्रेस की ओर से NRC को लेकर झूठ बातें फैलाई जा रही हैं ताकि गोरखाओं में भ्रम पैदा हो सके।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कम्युनिस्टों ने 1986 में जो आग लगाई थी उसमें तकरीबन 1200 गोरखाओं की जान चली गई थी। लेकिन ममता सरकार ने कुछ नहीं किया और उल्टा गोरखाओं पर एफ आई आर दर्ज कर दिया। उन्होंने कहा बीजेपी सरकार सत्ता में आते ही ऐसी FIR को वापस ले लेगी।

गृह मंत्री ने यह वादा किया है कि बीजेपी की सत्ता में आने के बाद गोरखा समुदाय की 11 जातियों को ST में शामिल किया जाएगा।

बता दें कि बंगाल के चुनाव में एक बड़ा मुद्दा CAA और NRC भी रहा है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से यह लगातार आरोप लगाया जा रहा है कि बीजेपी की सत्ता में आने के बाद CAA और NRC लागू कर दिया जाएगा, जो वह होने नहीं देंगे। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में CAA लागू करने की बात भी कही है।