Trending Politics कैप्टन अमरिंदर सिंह का जीवन परिचय

आज हम बात करेंगे एक और महान व्यक्ति के बारे में जिनका नाम है. अमरिंदर सिंह हम जानेंगे कि कैसे उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष करते हुए आगे बढ़े. अमरिंदर सिंह का जन्म 11 मार्च 1942 में पंजाब के पटियाला में एक शाही परिवार में हुआ था. उनके माता का नाम महारानी मोहिंदर कौर और पिता का नाम याद इंदर सिंह था. Captain Amrinder Singh का परिवार फुल किया वंश से तालुकात रखता था. उनकी स्कूली पढ़ाई पंजाब पटियाला से ही शुरू हुई इनके स्कूल का नाम Lerato convent Tara hall, और दूसरा the Lawrence school, तीसरा sanwar the doon school इन सारे स्कूलों से अपनी शुरुआती शिक्षा दीक्षा पूरी की इनकी एक बहन भी है जिनका नाम है मंदिर कौन है इनकी बहन की शादी विदेशी मंत्री नटवर सिंह से हुई है.

आपको बता दें कि अमरिंदर सिंह सिर्फ राजनीतिक व्यक्ति ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन लेखक भी हैं. इन्होंने युद्ध और सिख इतिहास पर किताबें भी लिखी हैं. इनके रचनाओं का नाम है "E-rij too far, lest we forget, the last sun set, rise and fall of lahaur darbar, the sikh in Britain" 150 years of photography, जैसी पुस्तक की भी शामिल है इतना ही नहीं इन्होंने भारत और पाकिस्तान के मध्य होने वाले युद्ध के बारे में भी लिखा है.

साथ ही इन्होंने सेना कैरियर भी काफी अच्छे से वर्णन किया है जिसकी वजह से आज भी लोग इनको कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम से जानते हैं. इन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और साथ ही भारतीय सेना अकादमी से स्नातक पूरा किया है. उसके बाद इन्होंने जून 1963 से दिसंबर 1966 तक भारतीय सेवा सेना में काम किया फिर देखते ही देखते हैं (Hindi News)1964 में जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ पश्चिमी कमान लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में काम किया. फिर उन्होंने परिवार के देखरेख के लिए 1965 में सेना को छोड़ दिया। 

कैप्टन अमरिंदर सिंह राजनीतिक जीवन?

अगर बात करें उनकी राजनीतिक जीवन की तो इसमें भी इनकी उपलब्धियां कम नहीं है. राजनीति के शुरुआती दौर में वह पहला समय था जब अमरिंदर सिंह को कांग्रेस पार्टी में राजीव गांधी द्वारा शामिल किया गया. राजीव गांधी स्कूल से ही इनके दोस्त थे फिर इनको पहली बार 1980 में लोकसभा के सदस्य के रूप में शामिल किया गया. फिर 1984 में इन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान सेना पर कार्यवाही के विरोध में संसद और कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. इस दौरान फिर वह शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए. फिर इनको विधान मंडल में चुना गया.

राज्य सरकार में कृषि वन विकास और पंचायत मंत्री बने हालांकि इनके राजनीतिक करियर में बहुत उतार-चढ़ाव आए फिर उन्होंने 1999, से 2010, और 2013, 2015, से 2017, तक 3 मौके पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने रहे. वह 2002 से 2007 तक पंजाब के मुख्यमंत्री भी रहे आज वर्तमान में वह कांग्रेस पार्टी के कैप्टन है. इन्होंने हालिया घोषणा में कहा कि 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव एक सौ 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। TheBharatpress.com 

उनका व्यक्तिगत जीवन?

अभी इनकी उम्र 79 वर्ष की है उन्होंने 1964 में परिणित कौर से शादी की जिनसे इनकी दो संताने हुई जिनका नाम रैनिनदर सिंह और लड़की का नाम जय इंदर कौर है हाल ही में इनके पोते की भी शादी हुई है।

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