मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने दावा किया है कि गृह मंत्री अनिल देशमुख इस पूरे मामले में शामिल हैं। इसके साथ एक बड़ा खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि गृह मंत्री देशमुख ने सचिन वाज़े से वसूली के तौर पर उन्हें हर महीने 100 करोड़ रुपये देने को कहा था। हालांकि, देशमुख ने इन आरोपों से खुद को अलग कर लिया है। 

परमबीर सिंह के इन आरोपों के बाद, महाराष्ट्र में राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है। गृह मंत्री अनिल देशमुख की कुर्सी खतरे में है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में, परमबीर सिंह ने कहा कि मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के अपराध खुफिया इकाई के प्रमुख सचिन वाज़े को महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पिछले कुछ महीनों में कई बार उनके सरकारी आवास पर बुलाया था। 

वहीं परमबीर सिंह के आरोपों पर, महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने ट्वीट किया है कि एंटीलिया मामले और मनसुख हिरेन मामले में सचिन वाज़े के सीधे संबंध सामने आ रहे हैं। परमबीर सिंह को डर है कि इसके कनेक्शन उन तक पहुंच जाएंगे। इसलिए उन्होंने खुद को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए ये झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं।

बता दें कि एंटीलिया मामले में सचिन वाज़े की गिरफ्तारी के बाद हुए खुलासे के बाद बुधवार को मुंबई के पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह का तबादला कर दिया गया था। अनिल देशमुख ने स्वीकार किया था कि सचिन वाज़े प्रकरण में परमबीर सिंह की चूक माफी के योग्य नहीं थी, इसलिए उनका तबादला कर दिया गया। लेकिन पुलिस आयुक्त के स्थानांतरण के बाद भी विपक्ष गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।