देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संकट और रोज़ आ रहे संक्रमण के नए मामलों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत बंगाल में हो रही पीएम मोदी की बड़ी-बड़ी रैलियों को अब छोटी-छोटी जनसभाओं में तब्दील किया जाएगा। 

जिसका मतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी के सभी नेता अब बंगाल में बड़ी-बड़ी रैलियां नहीं करेंगे। बल्कि इसकी जगह पर अब छोटी-छोटी जनसभाएं होंगी, जिसमें 500 से अधिक लोगों को उपस्थित रहने की इजाज़त नहीं होगी। इसका फैसला बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया है। 

जानकारी हो कि बंगाल में अभी 3 चरणों का चुनाव बाकी है, जो 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। वहीं इनके नतीजें 2 मई को आएंगे।

इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी मंगलवार से राज्य में 'अपना बूथ कोरोना मुक्त' अभियान भी शुरू करने जा रही है। जिसके तहत पार्टी बंगाल में छह करोड़ मास्क बांटेगी। लोगों को सैनिटाइजर देने का भी फैसला किया गया है। साथ ही बीजेपी राज्य में कोविड डेस्क और हेल्पलाइन नंबर भी बनाएगी।

बता दें कि कोरोना संक्रमण के तेज़ी से बढ़ रहे मामलों के बावजूद भी बंगाल में बीजेपी की रैलियां लगातार जारी थी। जिसको लेकर पार्टी की काफ़ी आलोचना भी हो रही थी। जिस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि इस बारे में पार्टी जल्द फैसला करने वाली है। अब सोमवार को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जो फैसला लिया है वो कोरोना संकट को मद्देनज़र रखते हुए किया या फिर किसी दबाव में आकर, इसके बारे में स्पष्ट रूप से कहना बड़ा मुश्किल होगा। 

सोचने वाली बात यह है कि देश में बीते दो हफ्तों में कोरोना संक्रमण के नए मामले 24,72,738 तक जा चुके हैं। उस वक्त हमारे प्रधानमंत्री बंगाल की रैलियों में व्यस्त थे। क्या रैलियां इतनी ज्यादा महत्वपूर्ण थी कि उनके बीच में आंकड़े कहीं खो कर रह गए?