पश्चिम बंगाल में हो रहे चुनाव ने पूरे देश में बवाल मचा रखा है। जिसमें हॉट सीट नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र दिन प्रतिदिन और भी रोमांचक मोड़ ले रही है। हाल ही में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को चुनाव में हो रही धांधली को लेकर पत्र लिखा। जिसके जवाब में चुनाव आयोग ने कहा कि नंदीग्राम में हुए मतदान के दौरान किसी तरह की छेड़खानी नहीं की गई है। चुनाव आयोग ने कहा कि बूथ पर पोलिंग एजेंट को रोकने की बात पूरी तरह से गलत है। आखिर में चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी द्वारा लिखित शिकायत को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। 


पश्चिम बंगाल में हुए दूसरे चरण के मतदान में ममता बनर्जी ने विपक्षी पार्टी पर मतदान में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारों पर कार्यवाही कर रहा है। ममता ने कहा कि सुबह से टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने लगभग 63 बार पोलिंग बूथ की स्थिति को लेकर शिकायत की है, जिस पर चुनाव आयोग ने कोई कार्यवाही नहीं की है। उसी दिन पोलिंग बूथ से ही दीदी ने राज्य के राज्यपाल को फोन मिलाया था।


चुनाव आयोग ने कहा कि नंदीग्राम में सुबह 5:30 बजे एक मॉक ड्रिल हुई थी और 7 बजे से मतदान शुरू हो गए थे। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंट वहाँ मौजूद थे। चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि मतदान केंद्र में किसी तरह का माहौल बिगाड़ने की कोशिश नहीं हुई है जिसे लेकर सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज मौजूद है।