पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के आखिरी दो चरणों और कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चुनाव आयोग ने चुनाव के प्रचार-प्रसार में कुछ पाबंदियां लगा दी हैं। रैलियों में ज्यादा भीड़ होने से बंगाल पर भी कोरोना का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में गुरुवार को चुनाव आयोग ने रोड़ शो, सार्वजनिक रैलियों और बाईक रैलियों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। वहीं जनसभाओं में केवल 500 लोग ही भाग ले सकेंगे। यह नए आदेश आज शाम 5 बजे से लागू किए जाएंगे। चुनाव आयोग का कहना है चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दल और उम्मीदवार कोरोना के नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, इस वजह से यह फैसला लिया गया है। 

देश में कोरोना के  हालात देखते हुए प्रधानमंत्री ने शुक्रवार की अपनी बंगाल यात्रा रद्द कर दी। पीएम मोदी के बाद बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेताओं की भी पश्चिम बंगाल की सभी रैलियां रद्द कर दी गई। चुनाव आयोग ने इससे पहले भी बंगाल चुनाव कि प्रचार प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए थे, जैसे राज्य में पार्टीयां शाम सात बजे के बाद कोई प्रचार या रैली नहीं कर पायेगी और चुनाव के 48 घंटे पहले भी प्रचार कर सकते थे उसे 72 घंटे कर दिया गया  था।

चुनाव आयोग ने कहा राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों को सभी नई गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करना है अगर किसी ने नियमों का उलंघन किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।