22 साल की रश्मी, फ़रवरी 2021 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में स्टुडेंट यूनियन की प्रेसिडेंट बनी थी। पर प्रेसिडेंट बनने के कुछ हफ्तों के अंदर ही उन्हें अपनी पोस्ट त्यागनी पडी थी। 

दरअसल रश्मी की एक पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो गई थी, जिसके चलते उस पर नस्लीय आधार पर भेदभाव करने के आरोप लगने लगे। जिस वजह से रश्मी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रश्मी सामंत की यह पोस्ट मलयेशिया घूमने के दौरान की थी, अपनी एक तस्वीर को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए रश्मि ने कैप्शन में ‘चिंग चांग’ लिखा था। इसी कैप्शन का सीधा संबंध लोग यहूदी और चीनी छात्रों से मान रहे हैं। इतना ही नहीं स्टूडेंट यूनियन की डिबेट्स और मीटिंग्स के दौरान लोगों ने रश्मी की तुलना सीधे हिटलर जैसे तानाशाह से कर भी दी थी।

इसके अलावा रश्मी की एक और पोस्ट भी बेहद वायरल हुई, जिसके कैप्शन में रश्मी ने “women, transwomen and men” लिखा था, जिसपर लोगों ने कहा कि women और transwomen को अलग कहने की बात रश्मी की ख़ुद की कैम्पेन पॉलिसी के खिलाफ़ है। इतना सब होने के बाद रश्मी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से उन सभी पोस्ट्स को डिलीट कर, फेसबुक लाइव आ कर यहूदियों, पूर्वी-एशियाई और ट्रांसजेन्डर कम्यूनिटी से माफ़ी भी माँगी थी।

पर यह मुद्दा वहीं नहीं रुका, रश्मी का विवाद केवल ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी तक ही नहीं रह गया है, अब यह मुद्दा हिन्दू और एंटी-हिन्दू पर आ गया है। अब इस किस्से ने ऑनलाइन मुद्दे का रूप ले लिया है। भारतीय लोगों ने रश्मी के लिए ऑनलाइन कैम्पेन चलाई है जिसमें “JusticeforRashmisamant और AntiHinduOxfordUniversity” जैसे hashtag इस्तेमाल कर अपने विचार साँझा कर रहे हैं।

बता दें कि रश्मी सावंत उडुपी जिले के मणिपाल कस्बे की रहने वाली है, रश्मी ने अपनी पढ़ाई कर्नाटक के मनिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 2020 में ही पूरी की है। रश्मी को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टुडेंट यूनियन प्रेसिडेंट के पद के चुनाव में 3,708 वोटों में से 1,966 मत मिले थे।