आप भी सोच रहे होंगे कि ये क्या स्टोरी है। धैर्य रखिए आपको समझाते हैं। 


जब 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकारी आने के बाद से राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी अभी तक वापसी नहीं कर पाई है। 

उसी तरह इस सूची में एक नाम और है केएल राहुल भारतीय टीम के विस्फोटक खिलाड़ी। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए T20 सीरीज पर भारत ने 3-2 से कब्जा किया। लेकिन खेले गए पांच मैचों में चार मैच केएल राहुल ने खेले और उनका प्रदर्शन चारों मैच में फ्लॉप रहा।


उसके बाद ख़राब प्रदर्शन के कारण उन्हें आखिरी T20 मैच में टीम से बाहर बैठना पड़ा और उनकी जगह कप्तान खुद ओपनिंग करने आ गए। खैर मेरा मानना है कि सीरीज का यह निर्णायक मुकाबला था और राहुल का फॉर्म से ज्यादा सीरीज जीतना जरूरी था। इस वजह से कप्तान और टीम मैनेजमेंट ने ये फैसला लिया। ख़राब फॉर्म की वजह से राहुल की काफ़ी आलोचना भी हुई। 

इसके बाद पुणे में शुरू हुआ वनडे मुकाबला में केएल को बतौर विकेटकीपर टीम ने शामिल किया और उन्होंने नाबाद 62 रनों की पारी खेली और अपने पुराने फॉर्म में वापस लौट गए। 

भारतीय टीम मैनेजमेंट और क्रिकेट प्रेमी की चाह यही होगी केएल राहुल का फॉर्म और बल्ला इसी तरह बोलता रहे। शायद वो मोदी नाम का ही असर था कि इस राहुल के लिए भी वापसी करना आसान नहीं हो रहा था।