दुनिया में कई ऐसी जगह है जिसे वैज्ञानिक भी आज तक समझ नहीं पाई हैं। इन्हीं में से एक जगह है जिसने अपने अंदर कई सारे रहस्यों को छुपाया हुआ है और पूरे दुनिया में यह बरमूडा ट्रायंगल के नाम से प्रसिद्ध हैं।जब भी बरमूडा ट्रायंगल की बात आती है तब हर एक इंसान के दिमाग में एक ही चीज चलती है कि आखिर क्यों इंसान से लेकर मशीन तक उस प्रांगण में विलुप्त हो जाते हैं।ट्रायंगल के बारे में जो भी इंसान जानता है वह कभी यहां जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं करेगा।

आज ज्यादातर समुद्री जहाज और हवाई जहाज मैप पर दर्शाए गए बरमूडा ट्रायंगल के आसपास भी नहीं जाते हैं। लेकिन आपको जानकर यह हैरानी होगी की जहाज और हवाई जहाज का बरमूडा ट्रायंगल के आसपास से निकलना बिल्कुल भी उचित नहीं है क्योंकि बरमूडा ट्रायंगल का कोई भी फिक्स जगह नहीं होता हैं। यह भी पढ़ें- सानिया नेहवाल के ओलंपिक गेम्स

(Bermuda Triangle) बर्मुडा ट्रंगल को दुनिया में इसलिए जाना जाता है क्योंकि यहां पर समुंद्री विशाल जहाजों से लेकर इंसान तक गायब हुए हैं। 2017 में बरमूडा ट्रायंगल के अंदर एक नया आईलैंड उत्पन्न हो गया था। यह नया आईलैंड नॉर्थ कैरोलिना के कैप पॉइंट पर मौजूद था। यह आइलैंड लगभग 1 से 2 किलोमीटर में फैला हुआ था।इस द्वीप पर काफी सारे शैल बिखरे हुए थे और इसलिए इस द्वीप का नाम शैली आईलैंड रखा गया था। दुनिया में कई ऐसे लोग मौजूद है जो नए आईलैंड के अचानक से उभरने पर, उस आईलैंड पर नई खोज के लिए जाते हैं लेकिन इस आईलैंड के साथ ऐसा बिल्कुल भी नहीं था क्योंकि यहां पर किसी को भी जाना सरकार के द्वारा अलाउड नहीं हैं। एक कारण तो इसका यह है कि यहां जो भी इंसान जाता है वह गायब हो जाता है और दूसरा कारण यह है कि इस आईलैंड के नीचे बहुत ही भारी मात्रा में करंट उत्पन्न होता हैं।

आपने कई बार सुना होगा कि (mysterious place in world) बरमूडा ट्रायंगल में कई सारी चीजें गायब हो चुकी है। हाल ही में 2017 में बरमूडा ट्रायंगल के अंदर एक पूरी की पूरी फैमिली गायब हो गई थी।इस हादसे में प्लेन के कुछ पार्ट्स तो मिले थे लेकिन फैमिली का कोई भी सदस्य नहीं मिल पाया था। 2017 में जब एक इवेंट मैनेजर कंपनी की मालकिन जेनिफर ब्लूमिं अपने दो बच्चों के साथ मदर्स डे सेलिब्रेट करने के लिए पॉर्तरिको को जा रही थी, तब वहां से न्यूयॉर्क लौटते समय उनका प्लेन मायामी एयर कंट्रोल ट्रैफिक के रडार से गायब हो गया था। उस वक्त इन को खोजने के लिए एक अभियान चलाया गया था क्योंकि जब यह गायब हुए थे तब मौसम बिल्कुल साफ था। बहुत ज्यादा ढूंढने पर बस प्लेन के अवशेष मिले लेकिन शामली का कुछ पता नहीं चल सका था। यह भी पढ़ें- सनी देओल की' ग़दर एक प्रेम कथा'

बरमूडा ट्रायंगल के अंदर कई हवाई जहाज और समुद्री जहाज के अवशेष मिले हैं, लेकिन एक प्रेशर अंडर का कहना है कि उसने समुंद्र के करीब 300 फीट की गहराई में जो शिप रैक खोजा है वह सबसे ज्यादा अलग हैं। डिस्कवरी चैनल के जाने-माने ट्रेजर हंटर डैरेल मिकलोस को एक्सप्रेस समुद्र में मिला जब उन्हें अपने एक एस्ट्रोनॉट दोस्त ने उन्हें यहां का नक्शा दिया था। डैरेल के द्वारा जब बरमूडा ट्रायंगल में मौजूद एस शिप रैक को खोजा गया, तबीयत शिप्रा कब तक के मिले सारे शिवराज से बेहद अलग था। इस शिप रैक को देखकर साफ पता चल रहा था कि इसे इंसानों द्वारा नहीं बनाया गया है बल्कि यह किसी दूसरी दुनिया का जहाज हैं।

एक समय में वैज्ञानिकों के पास भी इसका जवाब नहीं था कि लोग और जहाज बरमूडा ट्रायंगल (disappear ship) में कहां गायब हो जा रहे हैं।अब डॉक्टर में मेयर वरलाग के मुताबिक इस तरह लोगों का बरमूडा ट्रायंगल में गायब होने का कारण बरमूडा ट्रायंगल के अंदर मौजूद एक विशाल पिरामिड हैं। इस पिरामिड को सोलर इमेजिंग के द्वारा खोजा गया हैं। उनका कहना है कि यह पिरामिड समुद्र की सतह से करीब 3 से 4 किलोमीटर अंदर हैं। यह पैरामेड पानी में कोरटेक्स उत्पन्न करता है जिससे कि ऊपर से गुजरने वाली हर एक चीज पानी के अंदर समा जाती हैं।

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