भारत में कोरोना वायरस की बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर दुनिया भर के देश भारत की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में कोरोना से लड़ाई में भारत की मदद के लिए फ्रांस भी आगे आया है। फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को कहा, कोरोना के बढ़ते मामलों से लड़ने के लिए आने वाले दिनों में चिकित्सा ऑक्सीजन की क्षमता में वृद्धि कर भारत की मदद करेंगे। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में फ्रांस से ऑक्सीजन की आपूर्ति नई दिल्ली तक पहुंच सकती है।

यह बयान फ्रांस से आया साथ ही जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, ब्रिटेन के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन और यूरोपीय संघ ने महामारी से लड़ने में भारत की मदद करने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि भारत में कोरोना का खतरा लगातार बना हुआ है। बड़ी संख्या में संक्रमित लोगों के कारण, उन्हें अस्पताल में बेड और मेडिकल ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ता है। इससे अब तक दर्जनों मरीजों की मौत हो चुकी है।

जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने कोरोना से लड़ रहे भारत के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जर्मनी भारत की मदद के लिए एक मिशन तैयार कर रहा है। मर्केल के प्रवक्ता स्टीफन सीबरट द्वारा ट्वीट किए गए एक वीडियो संदेश में, जर्मन चांसलर ने कहा, "मैं भारत के लोगों से कहना चाहता हूँ कि मैं उस भयानक दर्द से सहानुभूति रखता हूँ जो कोविड -19 ने आप पर लाई है।" महामारी के खिलाफ लड़ाई हम सभी की लड़ाई है। जर्मनी भारत के साथ एकजुटता में खड़ा है और तत्काल मदद के लिए एक मिशन तैयार कर रहा है,"।

दूसरी ओर ब्रिटिश हाई कमीशन (BHC) ने घोषणा की कोरोना से लड़ने के लिए 600 से अधिक प्रमुख चिकित्सा उपकरण भारत भेजे जाएंगे। BHC ने कहा कि 'यूके फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस' ने इस सहायता पैकेज को वित्त पोषित किया है। इसमें वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स हैं। इससे पहले, यूरोपीय संघ ने भी कहा कि वह भारत कि हर तरह से मदद करेगा। भारत और भूटान के यूरोपीय संघ (ईयू) के राजदूत, यूगो एस्टुटो ने कहा, यूरोपीय संघ अपने सदस्य देशों के साथ मिलकर इस मुसीबत की घड़ी में भारत की मदद करने की पूरी कोशिश करेगा।