उत्तर प्रदेश के मेरठ में 10 अप्रैल 2006 को विक्टोरिया पार्क में अग्निकांड हादसा हुआ था। जिसमें 67 लोग जल गए और सैकड़ों लोग आग में झुलस गए थे। इसी हादसा के दौरान पुलिस को एक हत्यारोपी के मरने की खबर के साथ डेथ सर्टिफिकेट मिली थी। लेकिन 15 साल के लम्बे समय के बाद जब मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस के होश उड़ गए।

पुलिस के मुताबिक उन्हें आरोपी का डेथ सर्टिफिकेट मिला जिसमें लिखा था कि अनिराज सिंह नाम के शख्स की जलकर मौत हो चुकी है।

साल 2020 में अनिराज के ही परिजनों ने पुलिस को सूचना दी कि अनिराज जीवित है। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की और गुरुवार को बुलंदशहर पुलिस ने आरोपी को जिंदा धर दबोचा। पूछताछ के दौरान मालूम चला कि 15 साल तक आरोपी अपना नाम और हुलिया बदलकर गुरुग्राम, नोएडा, मेरठ और रुद्रपुर में गार्ड की नौकरी कर रहा था। पुलिस से बचने के लिए इन्हीं स्थानों के इंडस्ट्रियल एरिया में छुप कर रहता था।

आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि अधिराज  2 साल पहले भांजी का भात रस्म में गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के एक गांव में गया था। वहां तस्वीरें ली गई और यह तस्वीरें व्हाट्सएप पर वायरल हो गई। जिसके बाद महावीर पुर गांव के कुछ लोगों ने अधिराज को फोटो देखकर पहचान लिया और पुलिस को खबर कर दी। फिर उसकी तलाश तलाशी शुरू हुई और सारा मामला सामने आया।