डोमिनोज़ इंडिया पर बड़ा साइबर हमला हुआ है। प्रसिद्ध पिज्जा आउटलेट डोमिनोज़ इंडिया पर साइबर हमले द्वारा, 13 जीबी आंतरिक डेटा चुराया गया है। इसमें कर्मचारियों की जानकारी के साथ आईटी, कानूनी, वित्त, विपणन, संचालन के बारे में जानकारी थी। हैकर्स का दावा है कि उन्हें यह जानकारी 18 कराड ऑर्डर विवरणों की मदद से मिली, जिसमें ग्राहक के फोन नंबर, ईमेल आईडी, भुगतान विवरण, डिलीवरी और क्रेडिट कार्ड की जानकारी शामिल है।

इजरायल साइबर क्राइम इंटेलिजेंस के संस्थापक, एलोन गैल ने यह खुलासा किया है। हालाँकि डोमिनोज़ इंडिया ने इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है और ना ही इस बात की पुष्टि की है कि ऐसा कुछ उनके सर्वर से लीक हुआ है। पर एलोन गैल का दावा है कि डोमिनोज़ इंडिया का डेटा डार्क वेब पर बिक रहा है और हैकर्स इसके एवज में चार करोड़ रुपये की मांग कर रहे हैं। हैकर्स इसे बेचना चाहते हैं, डाटा हैकिंग के मामले में हैकर्स विशेष सर्च इंजन के जरिए डाटा को हैक करते हैं। 

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के डेटा को अज्ञात कीमत पर क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन के माध्यम से डार्क वेब पर बेचा जा रहा है। इस प्रोसेस में हैकर्स टेलीग्राम को भी जरिया बना रहे हैं। 

पिछले दिनों इंटरनेट साइट स्टेटिस्टा पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या वर्ष 2020 तक लगभग 70 करोड़ था जो अगले वर्ष 97.4 करोड़ तक पहुंच गया। पांच साल में आशा है भारत दुनिया में सबसे बड़ा ऑनलाइन बाजार हो जायेगा। दिलचस्प बात यह है कि इसकी संख्या इतनी है कि दुनिया के कई विकसित देशों की आबादी भी इसके समान नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2017 में भारत में जहां कुल 53,117 साइबर हमले के मामले थे, अगले वर्ष यानी वर्ष 2018 में यह बढ़कर 2,08,456 हो गए,  वर्ष 2019 और 2020 के अगस्त तक यह संख्या 6,96,938 था। चार वर्षों में भारत में कुल 13,53,010 सायबर हमले हुए जो दस गुना वृद्धि का संकेत दे रहे हैं।