खबर पंजाब से है, जहां अभी कुछ दिन पहले ही पंजाब विधानसभ चुनाव 2022 संपन्न हुआ हैं। जिसमें परिणाम स्वरूप भगवंत मान मुख्यमंत्री का पद संभाल रहे हैं और मान सरकार एक्शन में दिख रही है। मान सरकार ने जिला प्रशासन और पुलिस महकमें में बड़ा फेरबदल कर दिया है। उन्होंने 13 जिलों के एसएसपी और 6 जिलों के डीसी को बदल दिए हैं।

हालांकि हमारे देश में भाई भतीजावाद का चलन है लेकिन यहां पर फुल एक्शन में दिखाई दे रही मान सरकार ने अपने खासम खास जिले संगरूर के एसएसपी स्वप्न शर्मा को भी हटा डाला। यहां पर किसी भी तरह का नेपोटिज्म नहीं है, हालांकि यह सच भी नहीं है कि हमारे भारत में नेपोटिज्म और भ्रष्टाचार ना हो। मान सरकार जिस तरीके से काम कर रही है उससे लगता है कि पंजाब भ्रष्टाचार पर सरकार का कडा रुख देखने को आगे ओर व मिलने वाला है। पंजाब कि यह मान सरकार सच में आम आदमी कि सरकार बनकर उभरेगी अगर वह इसी तरह जनहित के फैसले बिना किसी दवाब के लेती है और पुराने रास्तों को छोड़ नए तौर तरीके गढ़ती है। यह भी पढ़ें-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ 52 मंत्रियों ने ली शपथ

बता दें आज 1 अप्रैल को पंजाब विधानसभा बैठक बुलाई गई है, जिसे काफी विशेष बताया जा रहा है। साथ ही यह भी बताया गया कि बैठक में हो रही बातचीत(Punjab CM 2022) को भगवंत मान के निर्देश के अनुसार सदन की पूरी कार्यवाही पंजाब सरकार के तमाम सोशल हैंडल पर सीधी दिखाई जाएगी। भगवंत मान की सरकार में कुछ ऐसी भी कार्य है जिस पर सरकार की नजर कभी नहीं गई जिससे वह पर्दा हटाएंगे। यानी पंजाब विधानसभा के 1 दिन के विशेष सत्र के दौरान केंद्र सरकार के केंद्र शासित चंडीगढ़ से पंजाब सर्विस रूल्स को हटा दिया जाएगा। वहीं केंद्रीय सर्विस रूल्स लागू करने के लिए नोटिफिकेशन आ सकता है और इस पर पंजाब सरकार प्रस्ताव ला सकती है।

जानकारी के अनुसार पंजाब ग्रामीण विकास अधिनियम 1987 के खंड 7 में संशोधन के लिए एक विधेयक भी जारी किया जा सकता है। हालांकि आज कैबिनेट की बैठक होने वाली है इसमें फाइनल निर्णय लिया जाएगा। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि 16वीं पंजाब विधानसभा का पहला सत्र 22 मार्च को संपन्न हुआ था। सभी विधायकों ने शपथ भी ली थी और सुल्तान सिंह संध्या को विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया था। यह भी पढ़ें-गहलोत सरकार पर बरस पडी बीएसपी मुखिया मायावती

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार अपने इंटरव्यू में कहा था कि मुफ्त राशन का प्लान, जो योजना दिल्ली में लागू नहीं हो पाई उसे पंजाब में लागू होनी चाहिए। यानी कि पंजाब सरकार ने राशन की डोर स्टेप डिलीवरी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में बनी सरकार ने ऐलान किया है कि पंजाब में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी शुरू होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार घर-घर राशन पहुंचाएगी और इस काम को अधिकारी ही करेंगे।

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhgawant Mann) कहा ने कि कोरोना महामारी की वजह से जो शिक्षा में बच्चों का नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाएगी। शैक्षणिक संस्थान भी खोले जाएंगे और जिन अभिभावकों से जबरदस्ती पैसा लिया जाएगा और बच्चों को मजबूर किया जाएगा स्टेशनरी से किताबें खरीदने के लिए उन पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ स्कूल भी खोले जाएंगे जिसमें फिर से बच्चे पढ़ने जाएंगे। लगातार शिक्षा का दौर फिर शुरू होगा। मान ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा देना चाहते हैं लेकिन यह महंगा हो गया है। जिससे इसका खर्च वहन कर पाना मुश्किल हो गया है जिसके लिए पंजाब सरकार ने कहा कि(Trending Politics News)अगर कोई भी दबाव अगर स्कूल की तरफ से पड़ता है तो स्कूल के ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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